#मैं_भी_उपेन_यादव पूरे देश में इस समय यह हैशटैग ट्रेंड कर रहा है. जिसकी वजह है पिछले 6 दिनों से युवाओं की मांग को लेकर आमरण अनशन पर डटे हुए हैं. पिछले 27 दिनों से अन्न का त्याग करने वाले उपेन यादव ने पिछले 6 दिनों से पेय पदार्थों का भी त्याग कर रखा है. जिसकी वजह है 7 फरवरी को अजमेर में आरपीएससी के बाहर युवा बेरोजगारों पर लाठीचार्ज के मामले में एसएचओ को निलंबित करने की मांग.
3 मार्च को आमरण अनशन की हुई थी शुरुआत
6 दिनों से आमरण अनशन पर डटे हुए उपेन यादव की हालात में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. एसएचओ को निलंबित करने की मांग को लेकर 10 फरवरी से जहां अन्न का त्याग कर रखा था वहीं 3 मार्च से पेय पदार्थों का त्याग भी उपेन यादव ने किया था. 3 मार्च को पहले राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड कार्यालय पर घेराव किया उसके बाद महासंघ कार्यालय पर आकर आमरण अनशन शुरू किया था.
अस्पताल में करवाया गया था भर्ती
दो दिनों तक कार्यालय पर धरना देने के बाद जब स्वास्थ्य में गिरावट दर्ज की गई तो उपेन यादव को अस्पताल में भर्ती करवाया गया, पहले उपेन यादव को जयपुरिया अस्पताल में भर्ती करवाया गया.लेकिन जब स्वास्थ्य में ज्यादा गिरावट दर्ज की गई तो उपेन यादव को एसएमएस अस्पताल में रेफर किया गया.
स्वास्थ्य में लगातार हो रही गिरावट
एसएमएस अस्पताल में पिछले तीन दिनों से भर्ती उपेन यादव ने अस्पताल में उपचार लेने से इनकार कर दिया है. उपेन यादव द्वारा सुबह और शाम लिखित में उपचार नहीं लेने की बात कही गई. इसके साथ ही किसी भी प्रकार की अनहोनी होने पर जिम्मेदार प्रदेश सरकार को ठहराने की बात भी लिखित में उपेन यादव द्वारा दी गई है
अभी तक नहीं आया वार्ता का न्योता
पिछले 6 दिनों से आमरण अनशन पर डटे हुए उपेन यादव ने जहां उपचार लेने से साफ इनकार कर दिया है. वहीं 6 दिनों के बाद भी अभी तक सरकार के किसी प्रतिनिधि द्वारा वार्ता का कोई न्योता नहीं आया है. हालांकि पुलिस प्रशासन द्वारा लगातार समझाइश का प्रयास किया जा रहा है. लेकिन सरकार की ओर से वार्ता का न्योता नहीं आने से राजस्थान के बेरोजगारों में भारी आक्रोश है